बाहर की मंडियों को शिफ्ट कर रहे दुकानदार, कारोबार और रोजगार पर असर

देवघर: कृषि उत्पादन बाजार समिति क्षेत्र की बदहाल स्थिति अब दुकानदारों और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह बाजार अब धीरे-धीरे खाली होता जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कई दुकानदार अपनी दुकानें बाहर की मंडियों में शिफ्ट कर रहे हैं, जिससे यहां का कारोबार और रोजगार दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

बाजार समिति परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी, रखरखाव का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि बदहाली की स्थिति के बावजूद सरकार को हर वर्ष लगभग 12 लाख रुपये राजस्व के रूप में मिलते हैं, फिर भी विकास कार्य नहीं कराए जा रहे।

100 से ज्यादा दुकानें, लेकिन सुविधाएं नदारद
सूत्रों के अनुसार बाजार में करीब 100 से अधिक दुकानें हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में किसान और ग्राहक पहुंचते हैं, लेकिन पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
व्यापारियों का आरोप है कि बाजार के अंदर सड़कें जर्जर हैं, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है और साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था भी नहीं की जा रही। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
समिति सचिव का पक्ष
कृषि उत्पादन बाजार समिति के सचिव ने बताया कि दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। जिन दुकानदारों ने आवंटित दुकानें लेने के बाद लंबे समय से उनका उपयोग नहीं किया है, उनकी सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।
व्यापार और रोजगार पर संकट
लगातार उपेक्षा के कारण यहां का कारोबार घट रहा है। छोटे दुकानदारों और कर्मचारियों को रोजगार की चिंता सता रही है। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से बाजार समिति की स्थिति सुधारने, आधारभूत सुविधाएं दुरुस्त करने और व्यापार को पुनर्जीवित करने की मांग की है।