देवघर स्थित एम्स में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अडाणी फाउंडेशन ने यहां 500 लोगों की क्षमता वाला एक आधुनिक विश्रामालय (धर्मशाला) बनाने की घोषणा की है। इस पहल से दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को ठहरने की बेहतर और किफायती व्यवस्था मिल सकेगी।

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत एम्स परिसर के पास लगभग 800 वर्गमीटर क्षेत्र में विश्रामालय का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता भी बताई गई है। भवन में बुनियादी सुविधाओं के साथ स्वच्छ शौचालय, पेयजल, विश्राम कक्ष और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि मरीजों के परिजन आराम से ठहर सकें।

इस संबंध में सांसद डॉ. निशिकांत दुबे और अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी के बीच चर्चा हुई। बताया गया कि अडाणी फाउंडेशन ने सामाजिक दायित्व के तहत इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने की सहमति दी है। बैठक के बाद इस प्रस्ताव को संबंधित मंत्रालय को भेजा जाएगा, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

एम्स देवघर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें झारखंड सहित पड़ोसी राज्यों के लोग भी शामिल होते हैं। कई बार मरीजों के परिजनों को ठहरने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में 500 लोगों की क्षमता वाला यह विश्रामालय उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।

इस पहल को क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे एम्स में आने वाले जरूरतमंद परिवारों को काफी सहूलियत मिलेगी।
