राज्य के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से ठप पड़े सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य अब अगले माह से दोबारा शुरू होने जा रहे हैं। सरकार द्वारा अनुपूरक बजट के तहत करीब 1777 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद इन परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। बजट की कमी के कारण कई योजनाएं अधर में लटकी हुई थीं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की समस्या लगातार बनी हुई थी।

ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। कई जगहों पर सड़कें टूट चुकी हैं या पूरी तरह से जर्जर हो गई हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही थी, जिससे स्थानीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा था।

निर्माण कार्य के लिए पहले ही एजेंसियों का चयन कर टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी, लेकिन बजट के अभाव में काम शुरू नहीं हो सका था। अब अतिरिक्त राशि की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण एजेंसियों को भुगतान भी किया जा सकेगा और जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के तहत गांवों में नई सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और लोगों को आवागमन से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलेगी। साथ ही इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
