हर साल 4 मार्च को विश्व मोटापा दिवस (World Obesity Day) मनाया जाता है, ताकि लोगों को बढ़ते मोटापे के खतरे और उसके समाधान के बारे में जागरूक किया जा सके। आज मोटापा केवल एक बाहरी समस्या नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन चुका है।

हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि भारतीयों में मोटापे की जेनेटिक संभावना अन्य आबादी की तुलना में ज्यादा हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सही जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को काफी कम किया जा सकता है।

📊 कितनी बड़ी है समस्या?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार:
दुनिया में हर 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है।
18 वर्ष से अधिक आयु के 2.5 अरब लोग अधिक वजन वाले हैं।
इनमें से करीब 89 करोड़ लोग मोटापे से जूझ रहे हैं।
किशोरों में मोटापा 1990 के बाद से चार गुना बढ़ चुका है।
भारत में NFHS-5 के आंकड़े बताते हैं कि वयस्कों में मोटापे की दर पिछले एक दशक में लगातार बढ़ी है। शहरीकरण, प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन और फिजिकल एक्टिविटी में कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
🧬 भारतीयों में जेनेटिक जोखिम क्यों ज्यादा?
विशेषज्ञों के अनुसार अधिक वजन और मोटापे के लिए 40-70% तक भूमिका जीन और आनुवांशिक कारकों की हो सकती है। इसका मतलब है कि कुछ लोगों को जन्म से ऐसे जीन मिलते हैं जो वजन बढ़ने की प्रवृत्ति को बढ़ाते हैं।
हालांकि, डॉक्टरों का साफ कहना है कि जीन अकेले जिम्मेदार नहीं होते।
👉 जीन + गलत खानपान + खराब लाइफस्टाइल = मोटापे का बढ़ा खतरा
📏 BMI से कैसे पहचानें?
BMI 25 से अधिक = ओवरवेट
BMI 30 से अधिक = मोटापा
मोटापा केवल वजन का मामला नहीं है, यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, फैटी लिवर और कई क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है।
🎯 मोटापे की जड़ पर कैसे करें अटैक?
विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापे की जड़ जीवनशैली और मेटाबॉलिक असंतुलन में छिपी है। इसे कंट्रोल करने के लिए कुछ प्रभावी कदम जरूरी हैं:
✔ 1. प्रोसेस्ड फूड कम करें
जंक फूड, मीठे पेय और हाई-कैलोरी पैक्ड स्नैक्स से दूरी बनाएँ।
✔ 2. रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी
हर दिन कम से कम 30-45 मिनट तेज चाल से चलना, योग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या साइकलिंग।
✔ 3. पर्याप्त नींद
कम नींद से हार्मोन असंतुलित होते हैं, जिससे भूख बढ़ती है।
✔ 4. स्ट्रेस मैनेजमेंट
तनाव भी वजन बढ़ाने का एक बड़ा कारण है। मेडिटेशन और माइंडफुलनेस मददगार हो सकते हैं।
✔ 5. मेडिकल चेकअप
थायरॉयड, इंसुलिन रेजिस्टेंस या अन्य हार्मोनल समस्याओं की जांच कराएं।
🚨 क्यों जरूरी है समय रहते कदम उठाना?
मोटापा धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन इसके दुष्परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं। यह केवल शरीर की बनावट नहीं बदलता, बल्कि पूरे शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर परिवार में मोटापे का इतिहास है, तो और अधिक सतर्क रहना जरूरी है।