आज की युवा पीढ़ी फिट रहने के लिए जिम, रनिंग और हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रही है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा और तेज़ गति वाले व्यायाम अब युवाओं के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार युवाओं में ऑस्टियोआर्थराइटिस यानी जोड़ों से जुड़ी बीमारी तेजी से बढ़ रही है। पहले यह समस्या आमतौर पर अधिक उम्र में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

क्या है ऑस्टियोआर्थराइटिस?

ऑस्टियोआर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों की सुरक्षा करने वाली कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगती है। इसके कारण जोड़ों में दर्द, अकड़न, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है।
यह समस्या अक्सर घुटनों, कूल्हों, हाथों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है।
हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज से बढ़ रहा खतरा
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के शोध में पाया गया है कि जिम में अत्यधिक और गलत तरीके से किया गया व्यायाम युवाओं में हड्डियों और जोड़ों पर ज्यादा दबाव डाल रहा है।
क्रॉसफिट, हायरोक्स और अन्य कठिन फिटनेस चैलेंज जैसे हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट से घुटनों, कूल्हों और पीठ में चोट का खतरा बढ़ रहा है। लंबे समय तक यह दबाव कार्टिलेज को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
कम उम्र में कार्टिलेज हो रही खराब
विशेषज्ञों का कहना है कि अब कम उम्र के लोगों में भी कार्टिलेज की गंभीर क्षति देखने को मिल रही है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
बहुत ज्यादा या गलत तरीके से व्यायाम
मोटापा
जोड़ों पर लगातार दबाव
धूम्रपान
चोट या ट्रॉमा
ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक व्यायाम के कारण जोड़ों के आसपास के सॉफ्ट टिशू में चोट लग सकती है, जिसका असर तुरंत नहीं दिखता लेकिन लंबे समय में गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है।
कैसे करें बचाव?
डॉक्टरों का कहना है कि ऑस्टियोआर्थराइटिस से बचने के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं:
बहुत अधिक तीव्रता वाले व्यायाम से बचें
जिम में हमेशा ट्रेनर की निगरानी में ही एक्सरसाइज करें
कैल्शियम से भरपूर भोजन जैसे दूध, दही और पनीर लें
एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें
प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड कम करें
विशेषज्ञों के मुताबिक फिटनेस जरूरी है, लेकिन संतुलित व्यायाम और सही डाइट ही लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रख सकती है।