देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। असम, केरल और पुदुचेरी में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सियासी फोकस पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु पर आ गया है, जहां अलग-अलग चरणों में वोटिंग होनी है। सभी प्रमुख दल जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं और लगातार रैलियां, रोड शो और बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।

बंगाल में भाजपा का आक्रामक अभियान

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनावी अभियान तेज कर दिया है। पार्टी के बड़े नेता लगातार रैलियां और रोड शो कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि इस बार राज्य में बदलाव तय है और जनता तृणमूल कांग्रेस सरकार से छुटकारा चाहती है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी बंगाल में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि राज्य में पार्टी के पक्ष में माहौल है। वहीं भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने भी दावा किया कि 4 मई को बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी।
तमिलनाडु में विजय की एंट्री से बढ़ा रोमांच
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर माहौल को और दिलचस्प बना दिया है।
उन्होंने पोननेरी क्षेत्र में बड़ा रोड शो किया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि तेज गर्मी के कारण कुछ समर्थकों की तबीयत भी बिगड़ गई।
विजय ने अपने घोषणापत्र में कई बड़े वादे किए हैं, जिनमें महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता, बेटियों की शादी के लिए सोना और छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण जैसी घोषणाएं शामिल हैं।
चुनाव आयोग की सख्ती: 48 घंटे का ड्राई डे
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान सख्ती बढ़ाते हुए 48 घंटे का ड्राई डे लागू कर दिया है।
इस दौरान शराब की बिक्री, खरीद और वितरण पूरी तरह बंद रहेगा, ताकि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।
गठबंधन की जीत का दावा
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन की जीत का दावा किया है। उनका कहना है कि राज्य में गठबंधन को मजबूत समर्थन मिल रहा है और यह निर्णायक जीत हासिल करेगा।
धार्मिक दौरे भी जारी
चुनावी माहौल के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तमिलनाडु के तिरुचेंदूर स्थित श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसे आध्यात्मिक अनुभव बताया।
निष्कर्ष
देश में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। आने वाले दिनों में रैलियों, वादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी।