राज्य में जंगली हाथियों के हमलों में होने वाली मौतों के मामलों को देखते हुए मुआवजा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अब ऐसी घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की जगह 10 लाख रुपये तक मुआवजा देने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही परिवार को हर महीने आर्थिक सहायता देने का भी प्रस्ताव है।

अब मिलेगा अधिक मुआवजा

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, हाथी के हमले में मौत होने पर पीड़ित परिवार को पहले जहां 4 लाख रुपये मिलते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जा सकता है।

यह फैसला मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को बेहतर आर्थिक सहारा मिल सके।
मासिक सहायता का भी प्रावधान
नई योजना के तहत मृतक के परिवार को केवल एकमुश्त राशि ही नहीं, बल्कि हर महीने 2,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी देने का प्रस्ताव है। इससे परिवार को लंबे समय तक आर्थिक मदद मिलती रहेगी।
जल्द भुगतान की व्यवस्था
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि मुआवजे की राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवार तक पहुंचाई जाए।
15 दिनों के भीतर आंशिक भुगतान
शेष राशि तय समय में सीधे खाते में ट्रांसफर
इससे पहले मुआवजा मिलने में काफी देरी होती थी, जिसे अब सुधारने की कोशिश की जा रही है।
अन्य राज्यों से तुलना
रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पहले से ही हाथी हमलों के मामलों में 20 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा रहा है।
ऐसे में झारखंड सरकार भी मुआवजे की राशि बढ़ाकर अन्य राज्यों के स्तर के करीब पहुंचने की कोशिश कर रही है।
क्यों बढ़ रहा है मानव-वन्यजीव संघर्ष
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में लगातार कमी, बढ़ती आबादी और भोजन की तलाश में जंगली जानवरों का गांवों की ओर आना इस तरह की घटनाओं की बड़ी वजह है।
निष्कर्ष
हाथी हमलों में बढ़ती मौतों को देखते हुए मुआवजा बढ़ाने का यह प्रस्ताव पीड़ित परिवारों के लिए राहत साबित हो सकता है। अब उम्मीद है कि सरकार इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देकर लागू करेगी।