देवघर स्थित श्री बालानंद ब्रह्मचारी आश्रम के नौलखा मंदिर में गुरु परंपरा का पावन निर्वहन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ।

आश्रम की गुरु परंपरा के अनुसार, सर्वप्रथम श्री मोहनानंद जी महाराज, तत्पश्चात उनके शिष्य श्री दर्शनानंद जी, फिर संदीप बाबा एवं हाल ही में दिवंगत हुए श्री संविदानंद जी महाराज ने गुरु गद्दी का दायित्व संभाला।

कुछ दिन पूर्व श्री संविदानंद जी महाराज के निर्वाण के पश्चात, कल एकादशी के शुभ अवसर पर श्री पवित्रता नंद जी महाराज को विधिवत गुरु गद्दी पर आसीन किया गया। इस अवसर पर आश्रम से जुड़े शिष्यों एवं भक्तों ने गुरु परंपरा के अनुरूप माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

उल्लेखनीय है कि श्री पवित्रता नंद जी महाराज, श्री मोहनानंद जी के वर्तमान शिष्य हैं तथा वे वेद, दर्शन और साहित्य के साथ-साथ भौतिकी जैसे आधुनिक विषयों में भी उच्च ज्ञान प्राप्त कर चुके हैं।

उनका गुरु गद्दी पर आसीन होना आश्रम की आध्यात्मिक परंपरा को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस पावन अवसर पर आश्रम परिसर में श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष संगम देखने को मिला।

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