एक बेहद दर्दनाक हादसे में एयर एंबुलेंस दुर्घटना का शिकार हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब विमान आपात चिकित्सा सेवा के तहत उड़ान पर था। दुर्घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसा इतना भयावह था कि विमान के मलबे में फंसे लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मृतकों में पायलट, मेडिकल स्टाफ और अन्य यात्री शामिल बताए जा रहे हैं। इस दुर्घटना ने कई परिवारों को एक ही झटके में उजाड़ दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान ने घटना की समीक्षा करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हादसे के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।

जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो तकनीकी खामियों, मौसम की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल करेगी।
यह हादसा एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं और उड्डयन सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस दर्दनाक घटना के पीछे की असली वजह सामने लाएगी।