झारखंड विधानसभा में पेश बजट के बाद अब विभागों के बीच हुए बंटवारे की तस्वीर साफ हो गई है। बजट का सबसे बड़ा हिस्सा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है। मुख्यमंत्री के अधीन विभागों के लिए कुल 90,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पूरे बजट का सबसे बड़ा भाग है। झामुमो को कुल 1,09,287.37 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी मिली है। इसमें मंत्री योगेंद्र प्रसाद को 5,245.99 करोड़ रुपये, सुदिव्य कुमार को 6,847.74 करोड़ रुपये, इरफान अंसारी को 2,696.79 करोड़ रुपये, चंपई सोरेन को 3,188.21 करोड़ रुपये और सबसे कम आवंटन दीपक बिरुआ को 1,309.14 करोड़ रुपये मिला है। वहीं कांग्रेस के हिस्से में कुल 39,746.01 करोड़ रुपये आए हैं। कांग्रेस के मंत्री राधा कृष्ण किशोर को 2,444.36 करोड़ रुपये, इरफान अंसारी को 12,726.02 करोड़ रुपये, दीपिका पांडे सिंह को सबसे अधिक 19,691.13 करोड़ रुपये, और शिल्पी नेहा तिर्की को 4,884.50 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। राजद की ओर से संजय प्रसाद यादव को 1,710.02 करोड़ रुपये मिले हैं। यह बजट बंटवारा साफ तौर पर दर्शाता है कि मुख्यमंत्री के पास सबसे बड़ा वित्तीय नियंत्रण है, जबकि विभागीय स्तर पर दीपिका पांडे सिंह को सबसे अधिक और दीपक बिरुआ को सबसे कम फंड मिला है। अब राजनीतिक गलियारों में इस बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किन प्राथमिकताओं के आधार पर यह आवंटन तय किया गया। फिलहाल, सबकी नजर इस बात पर है कि इन बड़ी राशि का इस्तेमाल किस तरह जमीनी विकास कार्यों में किया जाता है।

