मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों पर बड़ा हवाई हमला किया है। भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह हुए इस हमले के बाद कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दिया।

इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ यानी एहतियाती कार्रवाई बताया है। सेना का कहना है कि यह कदम संभावित खतरों को रोकने के लिए उठाया गया। हालांकि हमले में हुए नुकसान का विस्तृत आधिकारिक ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।

खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया

हमले के तुरंत बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को एहतियातन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। ईरान की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तेहरान सहित कई शहरों में हवाई हमलों के सायरन लगातार बज रहे हैं।
ईरान ने रोकी सभी उड़ानें
हमले के बाद ईरान ने एहतियाती कदम उठाते हुए देश की सभी उड़ानें रोक दी हैं और एयरस्पेस पूरी तरह खाली करा लिया है। आम नागरिकों से घरों के अंदर रहने की अपील की गई है।
दूसरी ओर, इजराइल में भी संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहां भी एयर अटैक सायरन सुनाई दे रहे हैं और संवेदनशील इलाकों को खाली कराया जा रहा है।
इजराइल ने भी बंद किया एयरस्पेस
इजराइल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नागरिक उड़ानों के लिए देश का हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अगली सूचना तक लोगों से एयरपोर्ट न आने की अपील की गई है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा स्थिति सामान्य होने पर हवाई क्षेत्र दोबारा खोला जाएगा और उड़ानों के फिर से शुरू होने की जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले दे दी जाएगी।
अमेरिका की चेतावनी के बाद हमला
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ईरान को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी। अमेरिका ने पहले ही अपने नागरिकों से इजराइल छोड़ने की सलाह जारी की थी। ऐसे में इस हमले को अमेरिका-ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते कूटनीतिक और सैन्य तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें ईरान की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।