पश्चिम एशिया में जारी Iran और Israel के बीच तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। ऊर्जा संकट गहराने के कारण कई देशों ने तेल और गैस की बचत के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

कुछ देशों में ईंधन की खपत कम करने के लिए ऑड-ईवन सिस्टम लागू किया गया है, जबकि कई जगहों पर स्कूल और कॉलेज तक बंद करने पड़े हैं।

तेल और गैस भंडारों पर हमले

रिपोर्ट्स के अनुसार युद्ध के दौरान कई जगहों पर तेल और गैस से जुड़े ठिकानों पर हमले हुए हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई देशों में ईंधन की कमी का खतरा बढ़ गया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो वैश्विक तेल बाजार में और ज्यादा अस्थिरता आ सकती है।
ऊर्जा बचाने के लिए उठाए गए कदम
कई देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाए हैं। इनमें प्रमुख हैं:
वाहनों के लिए ऑड-ईवन प्रणाली लागू करना
ईंधन की खपत कम करने के लिए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देना
कई क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज अस्थायी रूप से बंद करना
औद्योगिक इकाइयों में ऊर्जा उपयोग सीमित करना
भारत भी उठा रहा एहतियाती कदम
भारत भी संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए सतर्कता बरत रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर स्थिति की लगातार निगरानी शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में स्थिति ज्यादा बिगड़ती है तो इसका असर भारत समेत कई एशियाई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
ऊर्जा संकट के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में तेजी आ सकती है। इससे परिवहन, उद्योग और व्यापार की लागत बढ़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।