लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद उन्होंने लोकसभा में अपना पक्ष रखा और पूरे मामले पर विस्तार से जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि उन पर विपक्ष की आवाज़ दबाने के आरोप लगाए गए थे और संसदीय प्रक्रियाओं को लेकर भी कई तरह की बातें कही गईं। ओम बिरला ने कहा कि वह सदन के सभी सदस्यों के विचारों का सम्मान करते हैं, चाहे वे उनके पक्ष में हों या विरोध में।

ओम बिरला ने यह भी कहा कि सदन के सदस्यों ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह सभी का धन्यवाद करते हैं।

माइक बंद करने के आरोप पर क्या बोले ओम बिरला
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया था कि कई बार जब विपक्ष के सदस्य बोल रहे होते हैं तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है।
यह आरोप भी लगाया गया कि नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi का माइक भी कई बार बंद कर दिया जाता है।
इन आरोपों पर जवाब देते हुए ओम बिरला ने स्पष्ट कहा कि स्पीकर के आसन के पास किसी भी सांसद का माइक ऑन या ऑफ करने का कोई बटन नहीं होता है।
पीएम मोदी के सदन में न आने की वजह
फरवरी के पहले सप्ताह में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई थी जब प्रधानमंत्री Narendra Modi का भाषण प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन उनका भाषण नहीं हो सका।
इस पर स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि वह उस दिन सदन में उपस्थित न हों, क्योंकि सदन में लगातार हंगामा हो रहा था।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सदन की गरिमा बनाए रखने और स्थिति को शांत रखने के लिए लिया गया था।