शहादत दिवस के अवसर पर शहर के भगत सिंह चौक स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर युवाओं और स्थानीय लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे गूंजते रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। लोगों ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीदों के विचारों और उनके संघर्ष को विस्तार से बताया।

वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि एक विचारक भी थे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उनके विचारों को समझें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ें।

कार्यक्रम में शहीदों की तस्वीरों पर माल्यार्पण किया गया और उनके सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया। इस दौरान देशभक्ति गीतों और नारों से माहौल पूरी तरह देशभक्ति में रंगा नजर आया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि शहीदों का सपना एक ऐसा भारत था, जहां समानता और न्याय हो। आज के युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे उस सपने को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने संकल्प लिया कि वे शहीदों के आदर्शों पर चलेंगे और समाज में जागरूकता फैलाने का काम करेंगे। अंत में सभी ने एकजुट होकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया।