बिहार के मोतिहारी जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 600 से अधिक मरीजों के नाम पर केवल कागजों में ही ऑपरेशन दिखाकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों की टीम ने जब अस्पताल की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मरीजों के मोबाइल नंबर या तो गलत पाए गए या बंद मिले, जबकि कई नंबर राजस्थान के बताए जा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि मरीजों के फर्जी विवरण के जरिए योजना का लाभ उठाया गया।

इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों को ऑपरेशन के महज 1-2 घंटे बाद ही डिस्चार्ज कर दिया जाता था, जो मेडिकल नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था।

मामले में सिटी हॉस्पिटल और मंगलम नर्सिंग होम के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।