हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद बाजार ने कमजोर शुरुआत की, जहां आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 494 अंक गिरकर 78,779 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 142 अंक टूटकर 24,434 पर आ गया।

बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में कमजोरी मानी जा रही है। खासकर एचसीएल टेक के शेयरों में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ। कंपनी ने मार्च तिमाही में मुनाफा तो दर्ज किया, लेकिन भविष्य के लिए कमजोर ग्रोथ अनुमान ने बाजार को निराश किया।

इसके अलावा टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। वहीं, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट और टाटा स्टील के शेयरों में कुछ बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार को सीमित सहारा मिला।

वैश्विक संकेतों का भी बाजार पर असर पड़ा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जो बाजार पर दबाव डाल रही है।
इसी बीच रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 93.75 के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब रुपया कमजोर हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों की धारणा पर भी असर पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजार दबाव में रहे, वहीं जापान और चीन के बाजारों में हल्की मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।