महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 14 फरवरी सुबह 6 बजे से 16 फरवरी सुबह 6 बजे तक देवघर शहर में सभी भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिले में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को डायवर्ट किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और अलग-अलग मार्गों के लिए रूट चार्ट जारी किया गया है। शहर में आने-जाने वाले वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरने की सलाह दी गई है।

भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन

दुमका और जसीडीह की ओर से आने वाले भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेंगे।

कुछ वाहनों को बाइपास और बाहरी रिंग मार्ग से भेजा जाएगा।

ट्रकों और मालवाहक गाड़ियों को निर्धारित चेकपोस्ट पर ही रोका जाएगा।

मंदिर क्षेत्र में विशेष पाबंदी
14 से 16 फरवरी के बीच मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने 18 प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पुलिस और जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जारी ट्रैफिक प्लान का पालन करें और अनावश्यक रूप से शहर के मुख्य मार्गों पर वाहन न लाएं। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।