झारखंड सरकार द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट को “समावेशी विकास” का दस्तावेज बताया जा रहा है। वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने विधानसभा में 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने का दावा किया।

हालांकि, बजट पर क्षेत्रीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। खासकर देवघर सहित संथाल परगना क्षेत्र में अपेक्षित परियोजनाओं और विशेष पैकेज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

📌 समावेशी विकास पर सरकार का जोर

सरकार का कहना है कि बजट में हर वर्ग और हर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े प्रावधान
ग्रामीण बुनियादी ढांचा और सिंचाई योजनाओं पर खर्च
उद्योग और रोजगार सृजन को बढ़ावा
❓ देवघर और क्षेत्रीय अपेक्षाएं
स्थानीय सामाजिक व उद्योग संगठनों का मानना है कि देवघर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की आवश्यकता थी।
एयरपोर्ट और पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं के विस्तार की उम्मीद
औद्योगिक निवेश को लेकर ठोस घोषणाओं की अपेक्षा
स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए स्पष्ट रोडमैप की मांग
कुछ सामाजिक संगठनों ने बजट को “संतुलित लेकिन क्षेत्रीय दृष्टि से सीमित” बताया है।
🏗 उद्योग और निवेश पर चर्चा
उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य में निवेश के लिए बुनियादी ढांचे और नीतिगत स्पष्टता की जरूरत है।
देवघर सहित उभरते शहरों में एमएसएमई और पर्यटन आधारित उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की अपेक्षा जताई गई है।
निष्कर्ष
जहां सरकार इस बजट को समावेशी और संतुलित बता रही है, वहीं क्षेत्रीय संगठनों की नजर में यह अभी भी कई अपेक्षाओं पर खरा उतरने में बाकी है। अब नजर रहेगी कि सदन में चर्चा और आगामी घोषणाओं में सरकार इन क्षेत्रीय मुद्दों को किस तरह संबोधित करती है।