देवघर नगर निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान उस वक्त माहौल गर्म हो गया जब भाजपा के पूर्व विधायक नारायण दास री-काउंटिंग (पुनर्गणना) की मांग को लेकर मतगणना स्थल पहुंच गए। इस दौरान मौके पर मौजूद समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और विरोध की स्थिति पैदा हो गई।

जानकारी के अनुसार, मेयर पद के अंतिम राउंड की गिनती के दौरान चुनाव परिणाम बेहद करीबी बताया जा रहा था। इसी बीच नारायण दास अपने समर्थकों के साथ काउंटिंग स्थल पहुंचे और दोबारा मतगणना की मांग उठाई। उनका आरोप था कि मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और संदेह की स्थिति को स्पष्ट किया जाए।

समर्थकों के बीच बढ़ा तनाव

नारायण दास के पहुंचते ही वहां मौजूद अन्य प्रत्याशी के समर्थक भी सक्रिय हो गए। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। कुछ देर के लिए अफरातफरी जैसा माहौल बन गया, हालांकि प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ समर्थकों ने पूर्व विधायक के वाहन के पास विरोध भी जताया। हालांकि किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
प्रशासन का बयान
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मतगणना पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। यदि किसी प्रत्याशी को आपत्ति है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दे सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। नगर निकाय चुनाव पहले से ही कड़ा मुकाबला माना जा रहा था और अंतिम राउंड की गिनती ने तनाव को और बढ़ा दिया।
अब देखना होगा कि री-काउंटिंग की मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है और चुनाव परिणाम पर इसका क्या असर पड़ता है।