देवघर नगर निगम चुनाव की मतगणना पूरी होने और परिणाम घोषित होने के बाद भी विजयी प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र लेने के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। मतगणना स्थल देवघर कॉलेज कैंपस में प्रमाण पत्र वितरण की प्रक्रिया धीमी रहने से नव-निर्वाचित पार्षदों और उनके समर्थकों में नाराज़गी देखी गई।

जानकारी के अनुसार, मतगणना के दौरान सुबह से ही परिसर में भारी भीड़ रही। वार्ड संख्या एक से लेकर आठ तक के विजयी प्रत्याशियों को आधिकारिक घोषणा के बाद प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन व्यवस्थागत कमी के कारण कामकाज प्रभावित हुआ।

अव्यवस्था के कारण बढ़ा इंतज़ार

प्रमाण पत्र लेने के लिए काउंटर पर पहुंचे विजयी उम्मीदवारों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। बताया गया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रक्रिया में देरी हुई। कई प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि दस्तावेजों की जांच और हस्ताक्षर की प्रक्रिया काफी धीमी थी।
कुछ विजयी उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि उन्हें एक-एक काउंटर पर अलग-अलग औपचारिकताओं के लिए भेजा गया, जिससे समय अधिक लगा। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रमाण पत्र नियमों के तहत और सत्यापन के बाद ही जारी किए गए।
समर्थकों में नाराज़गी
मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों की भीड़ लगातार बनी रही। जीत का जश्न मनाने के बाद समर्थकों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे असंतोष का माहौल बना। हालांकि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया।
अंततः वितरित हुए प्रमाण पत्र
लंबे इंतजार के बाद सभी विजयी प्रत्याशियों को उनका प्रमाण पत्र सौंप दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार संपन्न कराई गई है।
देवघर नगर निगम चुनाव में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। ऐसे में चुनाव परिणाम के तुरंत बाद प्रमाण पत्र वितरण में देरी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।