गुजरात के कच्छ जिले के रण क्षेत्र में स्थित खावड़ा गांव वैश्विक स्तर पर भारत की ऊर्जा शक्ति का नया प्रतीक बनने जा रहा है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है, जो अपने विशाल आकार के कारण चांद से भी दिखाई देने योग्य होगा। यह मेगा नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

इस परियोजना के तहत हजारों एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक सोलर पैनल और पवन चक्कियां स्थापित की जा रही हैं, जिनसे रिकॉर्ड स्तर पर स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बिजली का उत्पादन होगा। यह ऊर्जा पार्क न केवल देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, खावड़ा सौर-पवन ऊर्जा पार्क के पूर्ण होने के बाद भारत नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देना और वर्ष 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के तय लक्ष्यों को हासिल करना है। यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

