गढ़वा : महिलाओं को लेकर गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी द्वारा दिए जा रहे बयानों पर महिला जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराज़गी जताई है। जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी और मेराल प्रखंड प्रमुख दीप माला ने गुरुवार को होटल पद्मावती में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान विधायक के बयान को अमर्यादित, महिला विरोधी और बेहद शर्मनाक बताया।

नेत्रियों ने कहा कि विधायक लगातार सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के ज़रिए महिलाओं को अपमानित करने वाली भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की सोच में राजनीति से जुड़ी महिला को हीन दृष्टि से देखा जाता है। जबकि स्वयं चुनाव के दौरान उनकी पत्नी और बेटी भी प्रचार में सक्रिय थीं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या उनके लिए भी वही सोच है?

शांति देवी ने कहा कि भाजपा नारी सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात करती है, लेकिन यदि ऐसे बयानों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती तो यह पार्टी की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा की महिला कार्यकर्ता भी विधायक की इसी मानसिकता की शिकार हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के पास जिले की महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर जाती हैं। ऐसे में विधायक यह स्पष्ट करें कि क्या वे सभी महिलाओं को उसी दृष्टि से देखते हैं जिसकी उन्होंने सार्वजनिक रूप से चर्चा की है।

नेत्री द्वय ने तीखे शब्दों में कहा कि विधायक यह स्पष्ट करें कि क्या उनके लिए महिला सिर्फ घरेलू कार्य और संतान उत्पत्ति तक सीमित है। पंचायतों में कार्य कर रहीं महिला जनप्रतिनिधियों—मुखिया, वार्ड सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों—को वे किस नजर से देखते हैं, यह भी जनता को जानना चाहिए।

उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से यह सवाल भी किया कि क्या विधायक को महिलाओं के चरित्र पर टिप्पणी करने का अधिकार पार्टी ने दिया है। अगर विधायक में ज़रा भी नैतिक जिम्मेदारी और आत्मसम्मान बचा है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

अंत में उन्होंने गढ़वा की जनता से अपील करते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि जो महिलाओं का अपमान करते हैं, उनके खिलाफ लोकतांत्रिक और सामाजिक स्तर पर एकजुट होकर विरोध किया जाना चाहिए। अन्यथा आने वाली पीढ़ी के लिए राजनीति का स्तर और भी गिरता चला जाएगा। उन्होंने विधायक के बयान को नारी सम्मान, नारी शक्ति और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताया और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।