पंजाब की राजनीति में उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया जब कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई। इसके विरोध में Aam Aadmi Party ने प्रदेशभर में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

अमृतसर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब समेत कई शहरों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालयों के बाहर बैंड-बाजे के साथ विरोध जताया और नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pratap Singh Bajwa और पंजाब कांग्रेस प्रधान Amarinder Singh Raja Warring ने दलित समाज का अपमान किया है।

‘सामंती मानसिकता’ का आरोप

प्रदर्शन में शामिल आप नेताओं ने कहा कि आजादी के 77 साल बाद भी कुछ नेता सामंती सोच से बाहर नहीं निकल पाए हैं। जिला अध्यक्ष अजय सिंह और विधायक लखबीर सिंह राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दलित समाज अब जागरूक है और ऐसे बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का पुतला बनाकर आग के हवाले किया गया।

पहले से गरम है सियासी तापमान

राज्य में पहले ही कई मुद्दों पर राजनीतिक माहौल गर्म है। पंजाब और हरियाणा के बीच पानी विवाद को लेकर चल रही खींचतान के बीच यह नया विवाद भी सियासी बहस का केंद्र बन गया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दलित वोट बैंक को लेकर दोनों दलों के बीच टकराव आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 तक जारी रह सकता है।

कांग्रेस की ओर से चुप्पी
हालांकि आप लगातार माफी की मांग कर रही है, लेकिन कांग्रेस की तरफ से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आप नेताओं ने साफ कहा है कि जब तक सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।