पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक खासकर ईरान और Strait of Hormuz को लेकर बनी स्थिति निकट अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

ब्रोकरेज फर्म Jefferies की रिपोर्ट के अनुसार हालिया तनाव के बाद ऊर्जा बाजारों में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 13 प्रतिशत और यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगभग 55 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बढ़ोतरी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने की आशंका से जुड़ी है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। अगर इस मार्ग में किसी प्रकार की रुकावट आती है तो इसका असर दुनिया भर में तेल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में भारत जैसे तेल आयातक देशों की आयात लागत बढ़ सकती है। इससे महंगाई पर दबाव बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
वहीं State Bank of India की रिसर्च इकाई की एक अलग रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2026 में देश के अधिकांश राज्यों में खुदरा महंगाई दर 3 प्रतिशत से नीचे रही है। नई सीपीआई शृंखला के अनुसार महंगाई का दबाव कई राज्यों में सीमित दिखाई दे रहा है।
हालांकि कुछ राज्यों में महंगाई अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर Telangana में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर करीब 4.9 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार देश के अधिकांश बड़े राज्यों में महंगाई नियंत्रण में है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ते तनाव का असर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है।