भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोपहर तक BSE Sensex 900 अंकों से ज्यादा गिर गया, जबकि Nifty 50 में भी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹7 लाख करोड़ की कमी आ गई।

बाजार खुलते ही शुरू हुई गिरावट

शुक्रवार को सेंसेक्स 590 अंकों की गिरावट के साथ 75,444.22 पर खुला था। इसके बाद बाजार में बिकवाली बढ़ती गई।
दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स करीब 964 अंक तक गिर गया
12 बजे के आसपास यह करीब 773 अंक की गिरावट के साथ 75,261 के स्तर पर कारोबार कर रहा था
वहीं निफ्टी 50 भी 176 अंकों की गिरावट के साथ खुला और दोपहर तक 333 अंक तक लुढ़क गया।
निवेशकों के ₹7 लाख करोड़ डूबे
बाजार में गिरावट का असर कंपनियों के मार्केट कैप पर भी पड़ा। Bombay Stock Exchange में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 6.55 लाख करोड़ रुपये घटकर 433 लाख करोड़ रुपये रह गया।
गिरावट के 5 बड़े कारण
1. ईरान–इजरायल तनाव
Iran और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है। अमेरिका के शामिल होने से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
युद्ध और Strait of Hormuz के बंद होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
ब्रेंट क्रूड लगभग 101 डॉलर
WTI क्रूड करीब 96 डॉलर
3. वैश्विक बाजारों में कमजोरी
एशिया से लेकर अमेरिका तक कई बड़े बाजार गिरावट में रहे।
Nikkei 225
Kospi
Hang Seng Index
अमेरिका में S&P 500 और Nasdaq Composite में भी गिरावट रही।
4. रुपये पर दबाव
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर करीब 92.34 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब है।
5. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले 10 दिनों में करीब ₹57,000 करोड़ के शेयर बेचे जा चुके हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।