हाल के खाद्य सुरक्षा परीक्षणों में कुछ जगहों पर पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाए जाने की खबर सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैक्टीरिया सामान्यतः स्वच्छता की कमी का संकेत होता है और दूषित पानी या गलत हैंडलिंग के कारण दूध में पहुंच सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

क्या है कोलिफॉर्म बैक्टीरिया?

कोलिफॉर्म बैक्टीरिया एक समूह है, जो आमतौर पर वातावरण, मिट्टी और मनुष्यों व जानवरों की आंत में पाया जाता है। इसकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि खाद्य पदार्थ कहीं न कहीं संक्रमण या गंदगी के संपर्क में आया है।

क्या हैं हेल्थ रिस्क?

फूड प्वॉइजनिंग: उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और बुखार।

डायरिया का खतरा: खासकर बच्चों और बुजुर्गों में अधिक जोखिम।

कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग: गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
डिहाइड्रेशन: बार-बार दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दूध से बदबू आए, स्वाद बदल जाए या पैकेट फूला हुआ दिखे तो उसे उपयोग न करें।
दूध को सुरक्षित रखने के तरीके
उबालना जरूरी: पैकेज्ड दूध को उपयोग से पहले अच्छी तरह उबाल लें।
फ्रिज में रखें: 4°C से कम तापमान पर स्टोर करें।
खोलने के बाद जल्दी इस्तेमाल करें: 24 घंटे के भीतर उपयोग बेहतर।
साफ बर्तन में रखें: दूध को ढक्कन वाले, साफ कंटेनर में डालें।
बिजली कटने पर सावधानी: लंबे समय तक फ्रिज बंद रहे तो दूध की गुणवत्ता जांच लें।
दूध खरीदते समय क्या ध्यान रखें?
एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की स्थिति जांचें।
फूला या लीक करता पैकेट न खरीदें।
विश्वसनीय ब्रांड या अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें।
ठंडी चेन (Cold Chain) में रखा दूध ही लें।
घर पहुंचते ही तुरंत फ्रिज में स्टोर करें।
खाद्य विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर नामी ब्रांड गुणवत्ता मानकों का पालन करते हैं, लेकिन उपभोक्ता की सतर्कता भी जरूरी है। सही तरीके से स्टोरेज और उबालने की प्रक्रिया अपनाकर संभावित स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सकता है।