आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मेंटल हेल्थ एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। तनाव, काम का दबाव, सोशल मीडिया और अनियमित दिनचर्या के कारण डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एक साधारण सी आदत — रोजाना सिर्फ 1 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी — डिप्रेशन का खतरा करीब 50% तक कम कर सकती है।

क्या है 1 घंटे का सीक्रेट?

रोजाना 60 मिनट की हल्की से मध्यम शारीरिक गतिविधि जैसे—

तेज चलना (Brisk Walking)

योग या प्राणायाम

साइकिलिंग

डांस या एरोबिक्स
हल्का जॉगिंग
ये सभी गतिविधियाँ दिमाग में “फील-गुड” हार्मोन जैसे एंडॉर्फिन और सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाती हैं, जो मूड को बेहतर बनाते हैं और तनाव को कम करते हैं।
रिसर्च क्या कहती है?
कई अंतरराष्ट्रीय शोधों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करते हैं, उनमें डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षण कम देखने को मिलते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह आदत न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाती है।
सिर्फ एक्सरसाइज ही क्यों असरदार?
✔ दिमाग में सकारात्मक रसायनों का स्राव बढ़ता है
✔ नींद की गुणवत्ता सुधरती है
✔ आत्मविश्वास बढ़ता है
✔ सोशल कनेक्शन बेहतर होते हैं
✔ नकारात्मक सोच कम होती है
कैसे शुरू करें?
अगर आप अभी व्यस्त शेड्यूल में हैं, तो शुरुआत 20-30 मिनट से करें और धीरे-धीरे 1 घंटे तक बढ़ाएं। कोशिश करें कि यह समय सुबह की धूप में हो या खुली हवा में, ताकि विटामिन D का लाभ भी मिले।
याद रखें
मेंटल हेल्थ सिर्फ दवा से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल से भी जुड़ी है। रोजाना का 1 घंटा आपकी जिंदगी बदल सकता है। हालांकि यदि डिप्रेशन के लक्षण गंभीर हों, तो विशेषज्ञ या मनोचिकित्सक से सलाह जरूर लें।